इन 5 कारणों से मोदी सरकार ने एक तरफा जीत के साथ रच सकती है इतिहास

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मोदी सरकार

इस बार के लोकसभा चुनाव के परिणामो में मोदी सरकार ने आप ही रिकॉर्ड तोड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सकती है। सुबह से ही मोदी सरकार बहुत बड़े अंतर से सभी विपक्षी पार्टियों से आगे चल रही है। इतना ही नहीं बीजीपी पार्टी के कार्यकर्ता तो पहले से जश्न मबनाना में लग गए है। वैसे इस बार भारतीय जानता पार्टी की इस ऐतिहासिक जीत का कारण यह 5 मुद्दे बने है

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस वर्ष देश के सभी नागरिको के हितो का ध्यान रखा है। इस वर्ष उन्होंने कई नयी सरकारी योजनाओ को शुरू किया है। तथा निम्न परिवारों के लिए कई लाभदायक सुविधा उपलब्ध कराई है। जैसे की इस बार के बजट में मोदी सरकार द्वारा कई अहम निर्णय लिया गए है। जिसमे से एक 5 लाख रूपये तक टैक्स को पूरी तरह से छूट देना शामिल है।

1. राफेल के मुद्दे पर आक्रामक रणनीति

इस वर्ष राफेल मुद्दे पर बहुत विपक्षी पार्टियों की और से मोदी सरकार को घेरने की भरपूर कोशिश की है। परन्तु नरेंद्र मोदी ने भी ही अंदाज में इस बात का जवाब विपक्षियों को दिया है। इतना ही नहीं राहुल गाँधी की ओर से ‘चौकीदार चोर है’ के नारे को खूब हवा भी दी है। परन्तु बीजीपी सरकार ने भी हार नहीं मानी। वैसे  इस मुद्दे पर राहुल गाँधी को सुप्रीम कोर्ट में क्षमा भी मांगनी पड़ी।

2. उज्ज्वला योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओ की शुरुआत

 इस ऐतिहासिक जीत कर एक सबसे बड़ा कारण यह है की मोदी सरकार द्वारा किसानो तथा देश की महिलाओ के लिए लाभदायक योजनाओ को शुरू किया गया है। जिसमे से एक उज्जवला योजना है जिसमे सभी निर्धन परिवार की महिलाओ को मुफ्त गैस कनेक्शन की सुविधा प्राप्त कराई गई है। वही किसान सम्मान निधि योजना में देश के सभी किसानो प्रतिवर्ष 6 हजार रूपये देने की पेशकश की है। वही ग्रामीण इलाकों स्वच्छता अभियान के अंतर्गत, शौचालयों का निर्माण भी करवाया गया है।

3. राष्ट्रवाद जैसा बहुमूल्य मुद्दा

 इस बार मोदी सरकार द्वारा आंतकवाद के खिलाफ लिए गए ऐतिहासिक फैसले से पूरा देश काफी खुश हुआ है। इस बार मोदी सरकार ने आंतकवाद की पूरी तरह से कमर तोड़ दी है। इतना ही नहीं नरेंद्र मोदी द्वारा भी अपनी ही एक रैली के दौरान अपने देश के शहीदों के नाम पर मतदान करने की अपील की गई। इस बार के चुनाव प्रचार में आंतकवादियों की गई एयर स्ट्राइक की बात पर खूब जोर दिए गया। 

4. विपक्षियों के लिए महंगाई नहीं बन पाया मुद्दा

वैसे इस बार के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार कोई भी विपक्षी पार्टी महंगाई जैसे बहुमूल्य मुद्दे पर नहीं घेर सकी है। क्योंकि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के 5 वर्षो में बढ़ती महंगाई पर लगाम लगा रखी है। तथा देश में हो रही कालाबाजारियों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

5. ‘TINA’ फैक्टर से मिली मोदी सरकार को एक तरफा जीत

TINA यानी There is No Alternative इसका मतलब है की इस बार प्रधानमंत्री मोदी के सामने कोई भी ऐसा चेहरा नहीं दिखा है जो उनको लोकसभा के चुनाव में सीधे चुनौती दे सके। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी विपक्ष के साथ मिलकार आम सहमति बनाने में पूरी तरह से विफल रहे है।

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