Does Heart Disease Cause Anger: गुस्सा और तनाव बना सकता है आपको दिल का मरीज़

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Heart Disease Cause

Does Heart Disease Cause Anger: हम सभी जानते है कि भीड़, हंगामा और बहस के कारण व्यक्ति के भीतर तनाव (tension) गुस्सा (anger) और चिंता (anxiety) जैसे स्थितियाँ पैदा होती है। शायद बहुत कम लोगों को ये पता होगा कि जब कभी इस तरह की स्थितियाँ बनती है तो हमारा हार्ट किस तरह काम करता है। इस बात को लेकर डॉक्टरों ने एक रिसर्च किया है। इस रिसर्च में कुछ हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है चलिए जानते है….

कुछ दिन पहले की ये घटनाएँ (Heart Disease Cause in Hindi)

बीते दिनों नोएडा (Noida) की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले शख्स की मौत हो गई थी। उस व्यक्ति के पिता का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस (traffic police) ने उसके 35 साल के बेटे की कार को गाड़ी के कागजात दिखाने के लिए रोका था। उसके साथ ट्रैफिक पुलिस ने बहुत बदतमीजी से बात करी थी। बहस और हंगामे के बाद शख्स को दिल का दौरा (heart attack) पड़ गया था जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। उनके पिता ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिस के दुर्व्यवहार और बदतमीजी के कारण ही उनके बेटे ने अपनी जान गंवा दी।

इस घटना से जो सवाल पैदा होते है कि क्या भीड़, हंगामा और बहस किसी की मौत की वजह हो सकती है? क्या इस कारण से हार्ट-अटैक भी पड़ सकता हैं? क्या कमजोर दिल वालों को इस तरह की स्थितियों से बचना चाहिए? आज हम आपको इन सवालों के जवाब देने जा रहे है।

गुस्सा और तनाव से पड़ सकता है दिल का दौरा (Anger and Stress Causes for Heart Attack)

मेडिकल साइंस के अनुसार, तनाव, गुस्सा और चिंता के कारण व्यक्ति को हार्ट अटैक (heart attack) का खतरा काफी बढ़ जाता है (Heart Disease Cause)। एक रिसर्च के मुताबिक, ज्यादा गुस्सा, तनाव और चिंता की हालत में दिल का दौरा पड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती है। डॉक्टर की माने तो इन हालातों में गुस्से और तनाव की वजह से दिल की धड़कने अचानक तेज हो जाती हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है जिसकी वजह से ब्लड वेसल्स में कसावट पैदा होने लगती है, खून में थक्के बनने शुरू हो जाते है। यह परिस्थितियां हार्ट-अटैक होने की संभावनाओं को बढ़ा देती है।

हार्ट मरीजों पर की गई रिसर्च

डॉक्टर्स ने यह शोध हार्ट अटैक के 300 मरीजों पर किया था जिसमे उन्होंने 7 पॉइंट का एक स्केल बनाया।  इस स्केल में 1 नंबर को शांत रहने, 5 नंबर को अधिक गुस्से की स्थिति और 7 नंबर को अत्याधिक गुस्से वाली स्थिति में रखना निश्चित किया। इस रिसर्च में 2.2 फीसदी मरीजों का कहना था कि “हार्ट अटैक से लगभग 2 घंटे पूर्व उन्हें 5 पॉइंट तक का गुस्सा आया था। इसका मतलब 2 घंटे पहले तक वो काफी गुस्से में थे। इसी तरह एक मरीज हार्ट अटैक से करीब 4 घंटे पहले गुस्से में था। 2 मरीजों ने हार्ट अटैक से 2 घंटे पहले लेवल 4 वाले गुस्से में होने की बात कही। जबकि 3 मरीजों ने ऐसा 4 घंटे पहले होना बताया।”

रिसर्च क्या कहती है?

शोध पूरा होने के बाद शोधकर्ताओं ने कहा कि “बेहद गुस्से वाली स्थिति के 2 घंटे तक हार्ट अटैक की संभावना 8.5 फीसदी बढ़ जाती है। वहीं आउट ऑफ कंट्रोल गुस्से की स्थिति में दिल के दौरे का खतरा करीब 9.5 फीसदी बढ़ जाता है।”

हमारे हार्ट के लिए तनाव, गुस्सा और चिंता (Heart Disorders Caused by Stress) बेहद खतरनाक साबित होते है। अगर इनके साथ हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी को भी जोड़ दिया जाए तो हालात ओर खतरनाक हो जाते है। डॉक्टर्स का मानना हैं कि तनाव, गुस्सा और एंजायटी व्यक्ति के ब्लड प्रेशर को बढ़ा देते है। इंसान के गुस्से के कारण शरीर में एड्रीनिल जैसे स्ट्रैस हॉर्मोंस काफी हद तक बढ़ जाते हैं। (

हार्ट-अटैक के कारण (Heart Attack Causes in Hindi)

इन सभी वजहों के कारण दिल के धड़कने की गति बहुत तेजी हो जाती है। बीपी बढ़ जाता है। ऐसे में व्यक्ति को ब्लड क्लॉट भी हो सकता है। ऐसे में यदि किसी हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित व्यक्ति की आर्टरी पहले से संकरी हो तो हार्ट अटैक की संभावनाएं काफी हद तक बढ़ जाती है।

डॉक्टर्स द्वारा की गई रिसर्च में ये बात साबित हो गयी है कि गुस्सा और तनाव दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कई गुना तक बढ़ा देते है (Heart Disease Cause)। अगर आप एक स्वस्थ जीवन जीना चाहते है तो तनाव लेने और अधिक गुस्सा करने की आदत को आपको छोड़ना होगा तभी आप हार्ट-अटैक से सुरक्षित रह पाएंगे।

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