लंबी बीमारी के चलते 81 वर्ष की आयु मे हुआ शीला दीक्षित का निधन

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Sheila Dikshit

Sheila Dikshit – कांग्रेस पार्टी की दिग्गज नेता श्रीमती शिला दीक्षित का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। शीला दीक्षित को हार्ट अटैक के चलते हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। लेकिन वह इस अटैक से रिकवर नहीं हो पाई। जिसके चलते आज 20 जुलाई 2019 को शीला दीक्षित ने एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में अंतिम साँस ली। कांग्रेस पार्टी के लिए शीला दीक्षित का निधन हो जाना एक बहुत बड़ा झटका है। इस खबर के बाद पार्टी के सभी नेता काफी दुःखी है। शीला दीक्षित का कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत ही अमूल्य योगदान रहा है। इतना ही नहीं वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2013 तक शीला दीक्षित लगातार दिल्ली के मुख्यमंत्री रही है। शीला दीक्षित के नेतृत्व में ही कांग्रेस पार्टी लगातार तीन बार दिल्ली में अपनी सरकार बनाने में कामियाब रही थी। 15 साल तक शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री रही है। तथा उन्होंने दिल्ली के लोगों के लिए बहुत सी योजनाओं को भी शुरू किया था। खासतौर पर शीला दीक्षित (Sheila Dikshit) ने के दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिक लाभकारी योजना चलाई थी। शीला दीक्षित का पार्थिव शरीर उनके निवास ले जाया जाएगा। जोकि दिल्ली के निजामुद्दीन में स्थित है।

Sheila Dikshit

शीला दीक्षित का नाम कांग्रेस (Sheila Dikshit) पार्टी के कद्दावर नेताओं की सूची में आता है। शीला दीक्षित का जन्म वर्ष 1938 में पंजाब के कपूरथला में हुआ था। लेकिन इन्होने अपनी शिक्षा दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से प्राप्ति की थी। इतना ही नहीं शीला दीक्षित (Sheila Dikshit) ने दिल्ली के ही मिरांडा हाउस कॉलेज से मास्टर्स ऑफ आर्ट्स की डिग्री को हासिल किया था। क्या आपको पता है की शीला दीक्षित (Sheila Dikshit Death) वर्ष 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कनौज से सांसद भी रह चुकी थी। साथ ही उन्होंने संसाद के पद को सँभालते हुए लोकसभा की एस्टिमेट्स कमिटी का हिस्सा भी रही थी।

दिल्ली के विकास में शीला दीक्षित का एक बहुत बड़ा योगदान रहा है। शीला दीक्षित जबतक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थी उस दौरान उन्होंने दिल्ली के सही नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्य को शुरू किया था। इसके अलावा, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने सभी महिलाओं के हितों का ध्यान रखते हुए 5 साल तक संयुक्त राष्ट्र आयोग के अंतर्गत भारत का प्रतिनिधित्व किया था। शीला दीक्षित हमेशा से महिलाओं के हितों के लिए लड़ी है। बहुत कम लोगों को इस बारें में पता होगा की शीला दीक्षित बतौर सदीय कार्यराज्यमंत्री प्रधानमंत्री के कार्यालय रह चुकी है। दिल्ली में हुए वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में शीला दीक्षित ने भारतीय जनता पार्टी के नेता श्री लाल बिहारी तिवारी को हरा दिया था। वर्ष 2008 में शीला दीक्षित (Sheila Dikshit Death) ने नई दिल्ली से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। यदि शीला दीक्षित के परिवार की बात करें तो उनके बच्चे है।

नरेंद्र मोदी ने शीला दीक्षित के निधन को बताया देश की राजनीति के लिए बड़ा झटका

भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी शीला दीक्षित के निधन पर दुःख जताया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट के जरिए यह बताया है की दिल्ली के विकास के लिए दिल्ली शीला दीक्षित का बहुमूल्य योगदान रहा है। साथ ही उन्होंने शीला दीक्षित के परिवार और उनके सभी समर्थकों के प्रति संवेदना दिखाई है।

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