भारत सरकार अपने Budget मे कर सकती है टैक्स स्लैब को लेकर ये 5 बड़े बदलाव

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Government can do these major changes in tax slab in budget

कुछ ही दिनों बाद भारत की केंद्र सरकार अपने Budget पेश करने जा रही है। भारत सरकार अपने इस बाजार को आने वाली 5 तारीख को आधिकारिक रूप से भारत की जनता के सामने रख देगी। अब देखना यह होगा की भारत सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले इस Budget में आपके लिए क्या खास है। क्या इस बार भारत सरकार अपने इस Budget में टैक्स को लेकर कोई अहम बदलाव कर सकती है या नहीं। यदि भारत सरकार टैक्स को लेकर कुछ बदलव करती है तो उससे आपको क्या फायदा है तथा क्या हानि है। वैसे भारत सरकार दवारा अंतरिम Budget को इस ही वर्ष फरवरी के महीने के पेश कर दिया गया था। भारत सरकार इस बार संसद में दो बजटों को भारत की जनता के सामने रखेगी।

भारत की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 5 जुलाई 2019 को सुबह 11 बजे से देश की जनता के सामने Budget पेश किया जाएगा। इस समय भारत के सभी लोग भारत सरकार द्वारा पेश किये जाने वाले इस Budget का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। साथ ही अधिकतर लोगों की नजर मोदी सरकार 2.0 के इस पहले Budget के अंतर्गत, टैक्स स्लैब पर रहेगी। भारत सरकार के पिछले कार्यालय के दौरान वित्त मंत्री पियूष गोयल द्वारा अंतरिम Budget में कई प्रकार के वादे किए गए थे। अब देखना यह होगा की उन वादों में से कितने वादे पुरे होते है और नहीं।

मोदी सरकार अपने Budget मे टैक्स स्लैब को लेकर कर सकती है ये 5 बड़े बदलाव

उच्च आयकर छूट की सीमा

भारत सरकार अपने इस Budget में टैक्स स्लैब को लेकर कई बड़े बदलाव कर सकती है जिसमें से उच्च आयकर छूट की सीमा लेकर किया जा सकता है। इस समय हर उस व्यक्ति को टैक्स देना पड़ता है जिसकी या 2.5 लाख रूपये से अधिक है। परन्तु भारत सरकार अपने इस Budget में इस सीमा को बढ़ा सकती है। अगर ऐसा हुआ तो सीमा को 2.5 लाख रूपये से बढ़ाकर 3 लाख रूपये कर दिया जाएगा। मतलब की यदि आपकी वार्षिक आय 3 लाख या उससे कम है तो आपको किसी भी प्रकार का कोई टैक्स देने की कोई जरूरत नहीं होगी।

एनपीएस निकासी पर अधिक आयकर राहत

आपको पता ही होगा की पिछले वर्ष दिसंबर में भारत सरकार ने NPS के माद्यम से निकासी पर कर छूट सीमा को 60% तक बढ़ा दिया था। जबकि पूरी निकासी पर आयकर विभाग द्वारा सम्पूर्ण रूप से छूट दे दी गई थी। भारत  सरकार अपने इस Budget में PPF और EPF निवेश की तरह ही संचय और निकासी चरण को पूरी तरह से टैक्स फ्री कर सकती है।

उच्च धारा 80 सी कटौती सीमा

सूत्रों के अनुसार, अपने इस Budget में आयकर कानून की धारा 80 C के अंतर्गत, बचत और निवेश हेतु टैक्स की सीमा में वृद्धि कर सकती है। वर्तमान समय में 1.5 लाख रूपये सीमा तय की गई है। जिसमें सरकार 25 हजार रूपये से लेकर 30 हजार रूपये तक की कटौती की जा सकती है।

कर-मुक्त बांड्स का पुन: परिचय 

भारत सरकार द्वारा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं हेतु सरकारी संस्थाओं द्वारा पूंजी जुटाने के लिए कर-मुक्त बांड्स में कई बदलाव कर सकती है। क्या आपको पता है की कर-मुक्त बांड्स में आपको अर्जित ब्याज पर किसी भी प्रकार का कोई कर नहीं देना पड़ता है। इतना ही नहीं सड़क परियोजनाओं पर सरकार के जोर को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तत्काल लाभार्थी हो सकता है।

उच्च एलटीसीजी सीमा

माना जा रहा है की भारत सरकार द्वारा  सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों और इक्विटी-उन्मुख म्यूचुअल फंडों की इकाइयों की बिक्री पर एलटीसीजी की सीमा को बढ़ाया जा सकता है। इस समय म्यूचुअल फंडों की इकाइयों की बिक्री पर एलटीसीजी की सीमा 1 लाख रूपये है।

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