5वां गोल्ड जीतते ही गोल्डन गर्ल हिमा दास पर हुई पैसों की बारिश

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Hima Dass

Hima Dass –  हाल ही में भारत की महिला धावक Hima Dass ने यूरोप में मात्र 3 महीने के अंतर्गत, लगातार पांचवे गोल्ड मैडल को अपने नाम कर लिया है। जिसके बाद हिमा दास की भारत में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में खूब प्रशंसा की जा रही है। इस अपार सफलता के बाद आप हिमा दास पर पैसों की बारिश होती दिखाई दे रही है। हिमा दास का प्रतिनिधित्व करने वाली स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फर्म आईओएस के मैनेजिंग डायरेक्टर नीरव तोमर में यह कहा है की भारत की धावक Hima Dass पिछले तीन महीनों से निरंतर अच्छा प्रदर्शन करती आ रही है। जिसके चलते हिमा दास की ब्रैंड वैल्यू को दुगुना बढ़ा दिया गया है। किसी भी खिलाडी की ब्रैंड वैल्यू का बढ़ना व घटना उसके प्रदर्शन पर निर्भर करता है। की वह खिलाडी मैदान में कैसे प्रदर्शन दिखा पाता है।

Hima Dass

हिमा दास (Hima Dass) की आयु मात्र 18 वर्ष की है और इतनी कम आयु में इतना बड़ा मुकाम हासिल करना अपने आप में ही एक बहुत बड़ी बात है आज सम्पूर्ण भारत अपनी इस बेटी पर बहुत अधिक गर्व महसूस कर रहा है। इतना ही नहीं इस जीत के साथ उन्हें गोल्डन गर्ल के नाम से भी जाना जा रहा है। हिमा दास भारत के असम की निवासी है। हिमा दास की ब्रैंड वैल्यू इस यूरोप में हुई इस प्रतियोगिता से पहले 30-35 लाख रूपये प्रतिवर्ष थी। परन्तु इस सफलता के बाद उनकी इस राशि को दुगुना बढ़ा दिया गया है। ब्रैंड वैल्यू के बढ़ने के बाद अब हिमा दास को प्रतिवर्ष 60 लाख रूपये की धनराशि दी जाएगी। इतना नीरव ने हिमा दास (Hima Dass) के लिए यह भी कहा है की बहुत जल्द कंपनी उनसे वॉच ब्रैंड, टायर, एनर्जी ड्रिंक ब्रैंड, कुकिंग ऑयल और फूड जैसी कैटेगरी के ब्रैंड से नई डील के लिए बात कर सकती है। वर्तमान समय में हिमा (Hima Dass) के एंडोर्समेंट की सूची में एडिडास स्पोर्ट्सवियर, एसबीआई, इडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज और नॉर्थ-ईस्ट की सीमेंट ब्रैंड स्टार का नाम शामिल है।

इसके अलावा, टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों का कहना है की अन्य स्पोर्ट्स के खिलाडियों के मुकाबले क्रिकेटरों की फीस बहुत अधिक है। परन्तु अब अन्य खिलाडियों की सफलताओं के बाद उनकी फीस में भी बढ़ोतरी की जा रही है। इतना ही नही गोल्डन गर्ल हिमा दास ऐसी एथलीट ही जिनकी ब्रैंड वैल्यू में इतनी तेजी से वृद्धि की गई है।

जाने क्यों दुगुनी की गई हिमा दास की ब्रैंड वैल्यू

बिजनेस और मार्केटिंग स्ट्रैटेजिस्ट लॉयड मैथायस का कहना है की अंतराष्ट्रीय स्तर पर यह सफलता सर्वोपरि है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है की वह अगले ओलिंपिक के लिए अधिक से अधिक परिश्रम कर रही है। भारत में क्रिकेट सबसे अधिक पॉपुलर स्पोर्ट्स है लेकिन हिमा दास की इस उपलब्धि के बाद यह तस्वीर बदल सकती है। उनका यह भी कहना है की बाकी अब अन्य स्पोर्ट्स के खिलाडियों को भी वैसे ही सम्मान दिया जाएगा। जैसे की एक क्रिकेटर को दिया जाता है। आप टीम इंडिया के खिलाडी महेंद्र सिंह धोनी को इसका का मुख्य उदाहरण मान सकते है। धोनी की कप्तानी में ही टीम इंडिया ने पहले तो वर्ष 2007 में टी-20 वर्ल्ड को अपने नाम किया था इसके बाद वर्ष 2011 हुए आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के ख़िताब को भी जीता था। इसके बाद धोनी को एंडोर्समेंट द्वारा प्रतिवर्ष 5 से 8 करोड़ रूपये दिया जाते है।

भारत की इस गोल्डन गर्ल को ‘धींग एक्सप्रेस’ के नाम से भी जाना जाता है। बीते शनिवार को हुए चेक गणराज्य की नोव मेस्टो नाड मेटुजी ग्रां प्री में महिलाओं की 400 मीटर की दौड़ हुई थी। जिसमें भारत की धावक हिमा दास ने अपना बेस्ट प्रदर्शन किया था। हिमा दास ने इस दौड़ को मात्र 52.09 सेकेंड में ही पूरा कर लिया था। इसके बाद उन्हें गोल्ड मैडल से सम्मानित भी किया गया था। हिमा दास का यह पांचवा गोल्ड है।

 

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