क्यों नवजोत सिंह सिद्धू ने दिया कांग्रेस पार्टी के मंत्री पद से इस्तीफ़ा

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why navjot singh sidhu left congress

Why Navjot Singh Sidhu Left Congress – अपनी बल्लेबाजी के चलते क्रिकेट ग्राउंड पर तहलका मचाने वाले इस पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने इस समय भारत की राजनीति में तूफ़ान ला दिया है। नवजोत सिंह सिद्धू ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा दिए गए इस इस्तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी तो हैरान है ही साथ ही अन्य विपक्षी पार्टी भी सिद्धू के इस फैसले से दंग रह गई है। नवजोत सिंह सिद्धू को इस्तीफा दिए करीबन 34 दिन हो गए है। इतने दिनों के बाद उन्होंने अपने इस इस्तीफे को पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री श्री अमरिंदर सिंह को न देकर राहुल गाँधी को भेजे जाने के ऊपर सवाल उठाए है।

Why Navjot Singh Sidhu Left Congress

आखिर क्यों नवजोत सिंह सिद्धू नहीं संभाल पाए थे 40 दिन बाद भी नया विभाग

कहा जा रहा है की पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा सिद्धू के विभाग को बदला गया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस फैसले से नवजोत सिंह सिद्धू बहुत नाराज हुए थे। जिसके बाद उन्होंने रविवार को अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था। इतना ही नहीं सिद्धू द्वारा 10 जून को पार्टी के अध्यक्ष राहुल गाँधी को इस्तीफा सौंप दिया गया था।

क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह सिद्धू के इस इस्तीफे को स्वीकारेंगे

पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा 6 जून को पार्टी के 13 मंत्रियों के विभाग को बदल दिया गया था। इस सूची में नवजोत सिंह सिद्धू का नाम भी शामिल था। जिसमें सिद्धू से स्थानीय निकाय विभाग ले लिया गया था। तथा इसके स्थान पर उन्हें बिजली विभाग दे दिया गया था। सिद्धू इस इस फैसले से बिलकुल भी खुश नहीं थे। इसके बाद उन्होंने 9 जून को राहुल गाँधी से बात की। इस दौरान पारी के महासचिव प्रियंका भी शामिल रही। राहुल गाँधी ने वरिष्ठ नेता अहमद पटेल यह जिम्मेदारी दी है की वह जल्द से जल्द से विवाद को खत्म करें।

आखिर क्यों राहुल गाँधी को सिद्धू द्वारा दिया गया इस्तीफ़ा मायने नहीं रखता

यदि सरकार के स्तर को ध्यान में रखते हुए कहा जाए तो सिद्धू द्वारा राहुल गाँधी को दिया गया यह इस्तीफा किसी भी प्रकार से मायने नहीं रखता है। यदि नवजोत सिंह सिद्धू को इस्तीफ़ा देना है तो उन्हें मुख्यमंत्री को इस बात की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा, वह अपने इस्तीफे को राज्यपाल को भी दे सकते है। परन्तु अंत में इस इस्तीफे को मंजूर मुख्यमंत्री द्वारा ही किया जाएगा।

क्या कहा सिद्धू में अपने ट्वीट के जरिए 

सिद्धू द्वारा लिए गए इस फैसले पर जब सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे तो उन्होंने अपने ट्वीट के जरिए इन सब सवालों के जवाब दिए। सिद्धू ने अपने ट्वीट में लिखा है की वह अपना इस्तीफ़ा मुख्यमंत्री को भेज देंगे।

नवजोत सिंह सिद्धू ने वर्ष 2018 में पाकिस्तान का दौरा किया था जिसमें वह पास्कितान के प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मिले थे। सिद्धू पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर के नींव पत्थर रखने के समारोह में शामिल होने गए थे। सिद्धू का ऐसे पाकिस्तान जाना पंजाब के मुख़्यमंत्री तथा अन्य पार्टी नेताओं को अच्छा नहीं लगा। इतना ही नहीं सिद्धू को फ़ोन करके मना भी किया गया था। जिसके बाद भी सिद्धू ने बात नहीं मानी। हद तो तब हो गई जब नवजोत सिंह सिद्धू पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा के गले मिले। इसके बाद सिद्धू की बहुत आलोचना की गई थी। पार्टी के सभी सदस्य सिद्धू के खिलाफ हो गए थे।

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