Wed. Jan 29th, 2020

कोर्ट का आदेश मंदिर – मस्जिदों से अब नहीं आएगी लाउड स्पीकर की आवाज

High Court Loudspeaker Ban

High Court Loudspeaker Ban – भारत में दिन प्रतिदिन बढ़ रहे ध्वनि प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए हाल ही में हरियाणा – पंजाब के उच्चन्यायलय द्वारा एक जरुरी आदेश को जारी किया गया है। उच्चन्यायलय के जारी किए गए आदेश द्वारा सभी धार्मिक स्थलों चाहे वह मंदिर हो, मस्जिद और गुरद्वारे से आने वाली लॉउडस्पीकर की आवाज पर सम्पूर्ण रूप से बैन (High Court Loudspeaker Ban) लगा दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने यह भी कहा है की किसी भी प्रकार की स्थिति में सुबह छः बजे लॉउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसपर कोर्ट द्वारा सम्पूर्ण रूप से बैन लगा दिया गया है। उच्चन्यायलय ने साफ कहे दिया है की सुबह 6 बजे से पहले किसी भी हालत में किसी भी धर्मिक स्थलों में यदि लॉउडस्पीकर (High Court Loudspeaker Ban) की आवाज आई तो उसपर तुरंत करवाई की जाएगी।

High Court Loudspeaker Ban

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है की यदि अथॉरिटी लाउड स्पीकर (High Court Loudspeaker Ban) द्वारा स्वीकृति दे भी जाती है तो तो इस बात को जरूर सुनिशचित किया जाएगा। की लाउड स्पीकर की ध्वनि 10 डेसीबल से अधिक न हो। सुप्रीम कोर्ट द्वारा ध्वनि प्रदूषण का ख्याल रखते हुए पंजाब, हरियाणा के साथ ही साथ चंडीगढ़ के डीजीपी, डीसी, एसएसपी को आदेश जारी कर दिए गए है। इसके साथ भी उन्हें यह भी कहा गया है की इस आदेश का पालन करने हेतु ये सभी सम्बंधित अधिकारी सम्पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। उन्हें ध्यान रखना होगा की किसी भी धार्मिक स्थल द्वारा अधिक ध्वनि प्रदूषण (High Court Loudspeaker Ban) न फैलाया जाए।

इस आदेश में कोर्ट में सीधे शब्दों में यह कहा है की रात को 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक किसी भी धार्मिक स्थल में किसी भी प्रकार का लाउड स्पीकर को नहीं बजाया जाएगा। इस समय में इसपर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, यदि कोई धार्मिक कार्यक्रम है तो उसकेलिये एक वर्ष में 15 दिन की छूट दी जा सकती है। लेकिन शर्त यह है की इन दिनों में केवल रात के 12 बजे तक ही लाउड स्पीकर बज सकता है। परन्तु ध्यान रहे है की की ध्वनि 10 डेसीबल से अधिक नहीं होनी चाहिए।

ध्वनि प्रदूषण से होता है बहुत नुकसान

ध्वनि प्रदूषण से विभिन्न प्रकार की परेशानी होती है। क्योंकि पुरे दिन काम करने के बाद जब कोई व्यक्ति अपने घर आता तथा रात को आराम की नींद लेता है। तो उसे ध्वनि प्रदूषण (High Court Loudspeaker Ban) के चलते नींद लेने में परेशानी होती है। इसके अलावा, भी ध्वनि प्रदूषण हमारे लिए बहुत खतरनाक होता है। क्योंकि अधिक ध्वनि के चलते हमारे कानों को काफी अधिक नुकसान पहुँचता है। सबसे अधिक परेशानी हो इस ध्वनि प्रदूषण (High Court Loudspeaker Ban) से उन बच्चों को होती है जो अपनी परीक्षा की तैयारी कर रहे होते है। पढ़ाई करने के लिए किसी भी बच्चे को एक शांत वातावरण चाहिए होता है। तभी वह अच्छे से ध्यानकेंद्रित करके अपनी परीक्षा की तैयारी कर पाता है।

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